शिक्षा ऋण नीति (Education Loan Policy)

शिक्षा ऋण नीति (Education Loan Policy)

1. उद्देश्य

यह नीति साझेदार बैंकों एवं NBFCs के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षा ऋण के सोर्सिंग, प्रोसेसिंग एवं सुविधा (Facilitation) की रूपरेखा निर्धारित करती है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन एवं सुचारु ऋण प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।


2. लागू क्षेत्र

यह नीति निम्न पर लागू होगी:

  • अधिकृत चैनलों के माध्यम से प्राप्त शिक्षा ऋण आवेदन

  • देश में एवं विदेश में अध्ययन हेतु शिक्षा ऋण उत्पाद

  • स्वीकृत ऋणदाता कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रोसेस किए गए सभी शिक्षा ऋण आवेदन


3. पात्र पाठ्यक्रम

शिक्षा ऋण निम्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रदान किया जा सकता है:

  • स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम

  • व्यावसायिक पाठ्यक्रम जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, लॉ आदि

  • स्वीकृत व्यावसायिक एवं स्किल-आधारित पाठ्यक्रम

  • भारत एवं विदेश में उच्च शिक्षा

अंतिम पात्रता संबंधित ऋणदाता की नीति एवं स्वीकृति पर निर्भर करेगी।


4. पात्र आवेदक

  • मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश प्राप्त भारतीय नागरिक

  • ऋणदाता की आवश्यकता अनुसार सह-आवेदक (माता-पिता / अभिभावक / जीवनसाथी)

  • आवेदक एवं सह-आवेदक को KYC, आय एवं क्रेडिट मानदंड पूरे करने होंगे


5. ऋण राशि एवं खर्चों का कवरेज

ऋण राशि एवं कवरेज ऋणदाता के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा, जिसमें शामिल हो सकते हैं:

  • ट्यूशन फीस

  • हॉस्टल एवं आवास खर्च

  • किताबें, उपकरण एवं अध्ययन सामग्री

  • विदेश अध्ययन हेतु यात्रा एवं बीमा खर्च

  • ऋणदाता द्वारा अनुमत अन्य खर्च


6. ब्याज दर, मोरेटोरियम एवं पुनर्भुगतान

  • ब्याज दर, मोरेटोरियम अवधि एवं पुनर्भुगतान अवधि पूरी तरह संबंधित ऋणदाता द्वारा निर्धारित की जाएगी

  • शर्तें ऋण के प्रकार, पाठ्यक्रम, देश एवं क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार भिन्न हो सकती हैं


शिक्षा ऋण हेतु आवश्यक दस्तावेज़

A. प्री-सैंक्शन (Pre-Sanction) दस्तावेज़

1. शैक्षणिक दस्तावेज़

  • संस्थान का प्रवेश पत्र, जिसमें फीस का विस्तृत विवरण हो

  • शैक्षणिक मार्कशीट:

    • SSC (10वीं)

    • HSC (12वीं)

    • स्नातक (यदि लागू हो)


2. KYC दस्तावेज़

  • आयु प्रमाण

  • पहचान प्रमाण

  • हस्ताक्षर प्रमाण

  • निवास / पता प्रमाण


3. आय संबंधी दस्तावेज़

A. वेतनभोगी सह-आवेदक

  • नवीनतम 2 वेतन पर्ची, जिसमें जॉइनिंग डेट उल्लिखित हो

  • वेतन खाते का पिछले 6 माह का बैंक स्टेटमेंट


B. स्वरोज़गार (व्यवसाय)

  • पिछले 2 वर्षों का ITR एवं आय की गणना

  • पिछले 2 वर्षों की ऑडिटेड बैलेंस शीट

  • पिछले 6 माह का बैंक स्टेटमेंट

  • टर्नओवर प्रमाण (नवीनतम GST / सेल्स टैक्स / सर्विस टैक्स रिटर्न)


C. स्वरोज़गार (प्रोफेशनल)

  • पिछले 2 वर्षों का ITR एवं आय की गणना

  • पिछले 2 वर्षों की ऑडिटेड बैलेंस शीट / लाभ-हानि विवरण

  • पिछले 6 माह का बैंक स्टेटमेंट

  • प्रोफेशनल योग्यता का प्रमाण


4. अन्य दस्तावेज़

  • पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन फॉर्म

  • नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, फोटो पर हस्ताक्षर सहित


B. पोस्ट-सैंक्शन (Post-Sanction) दस्तावेज़

1. ऋण समझौता

  • आवेदक एवं सह-आवेदक द्वारा हस्ताक्षरित ऋण समझौता पत्र*


2. पुनर्भुगतान निर्देश

  • पोस्ट-डेटेड चेक (PDC) / ACH / स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (SI) मैंडेट

  • ACH या SI मोड में 3 सुरक्षा PDC अनिवार्य

स्टाम्प ड्यूटी संबंधित राज्य के कानूनों के अनुसार ग्राहक द्वारा देय होगी।


C. आगामी किस्तों (Subsequent Disbursement) हेतु आवश्यक दस्तावेज़

(निकटतम रिटेल एसेट्स कस्टमर सर्विस सेंटर – CSC पर जमा किए जाने होंगे)

  • डिस्बर्समेंट अनुरोध पत्र (किस्त हेतु), ग्राहक द्वारा हस्ताक्षरित

  • विश्वविद्यालय / संस्थान का फीस डिमांड लेटर

  • छात्र की पिछले सेमेस्टर की अकादमिक प्रगति रिपोर्ट

  • नए पुनर्भुगतान निर्देश, यदि:

    • पूर्ण PDC जमा किए जा रहे हों, या

    • मौजूदा पुनर्भुगतान निर्देशों में परिवर्तन किया गया हो

  • पिछले सेमेस्टर / डिस्बर्समेंट की फीस रसीद, संस्थान द्वारा जारी


महत्वपूर्ण सूचना

  • समय पर प्रोसेसिंग के लिए सभी दस्तावेज़ों का पूर्ण एवं सही होना अनिवार्य है।

  • केस की आवश्यकता या ऋणदाता की नीति के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं।

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